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बुधवार, 9 सितंबर 2015

सर हकलाहट के इलाज में असफल कोन लोग होते है ?

सर हकलाहट के इलाज में  असफल कोन  लोग होते है?; असफल वही लोग होते है जो रातो-रात ठीक होने की सोच कर आते है।आप किसी ऐसे डाक्टर के पास इलाज बिलकुल न करवाइये जो हकलाहट को एक खुराक दवाई से या 2 -4  दीन की स्पीच थैरेपी से ठीक करने का दावा करते है। हकलाहट के इलाज का मतलब है अपने व्यवहार को बदलना और व्यवहार बदलने में समय,ढण  संकल्प,कठोर विश्वास की जरूरत होती है।आप जो घुट-घुट कर जीवन जी रहे है, उस भय से मुवित दिलाने में आपकी 100 % मदद करुँगा
और आपको बहुत अधिक फायदा होगा। 100 %  शुध्द तो आम व्यवित भी नही बोलता है। कभी-कभी आम व्यवित की स्पीड  बढ़ जाती है और हकला जाता है। आप कई बार यह भी देखे होंगे कि टी ,वी ,न्यूज़ रीडर भी गलत या हकला जाते है और यह कहते हैं,गलती के लिये खेद है। में कहना चाहूगा कि 100 % शुध्द कोई नही बोलता इसीलिये 100 % हकलाहट का इलाज सुंभव नहीं है अर्थात थोड़ा डर हर व्यवित में रहता है कि सही नही बोल पाउँगा। आपको हकलाहट से समस्या नही है,समस्या हकलाहट के डर से है और इस डर पर आप 100 % क़ाबू पा सकते है और आपके  इस खतरनाक भय से 100 % मुवित मिल सकती है।                                                          100 % संतुष्टि  देना ही सेन्टर का उददेश्य है।

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